भारत में पेट्रोल-डीजल कीमतें जल्द बढ़ सकती हैं, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों का घाटा लगातार तेजीसे बढ़ता जा रहा अभी।
मई 2026 में कच्चा तेल औसतन 105 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा, जिससे ईंधन कंपनियों पर भारी दबाव बना लगातार।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार तेल कंपनियां हर महीने लगभग तीस हजार करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं अभी लगातार।
मध्यपूर्व तनाव और वैश्विक आपूर्ति संकट ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा घरेलू ईंधन बाजार को प्रभावित किया गंभीर रूपसे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समयतक ईंधन कीमतें स्थिर रखना संभव नहीं, इसलिए जल्द बढ़ोतरी देखी जा सकती देशभर में।
पेट्रोल और डीजल दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है, जिसका असर आम लोगों और व्यापारपर साफ दिखाई देगा।
सरकार फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही, लेकिन वैश्विक तेल संकट चुनौती बना हुआ लगातार देशभर में।