हॉर्मुज जलडमरूमध्य संकट के कारण दुनियाभर में तेल सप्लाई तेजीसे घट रही, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी चिंता बढ़ी है।

ईरान युद्ध और समुद्री तनावों के चलते कई तेल टैंकर रास्ते बदल रहे, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा लगातार।

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक ऑयल स्टोरेज तेजीसे खाली हो रहे, जबकि कई देश रणनीतिक तेल भंडार इस्तेमाल कर रहे अभी।

ब्रेंट क्रूड कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और विश्लेषकों ने भविष्यमें तेल कीमत 200 डॉलर पहुंचने की आशंका जताई है गंभीर।

भारत, चीन और एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा, क्योंकि ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ।

हॉर्मुज संकट लंबा चलने पर वैश्विक महंगाई, ईंधन कीमतों और आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ सकता है आगे।