आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद भारतीय रुपया अब अंडरवैल्यूड दिखाई दे सकता है।
मध्यपूर्व तनाव और डॉलर मजबूती के कारण रुपये में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजारों में चिंता बढ़ी लगातार।
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार स्थिर रखने और अत्यधिक सट्टेबाजी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार रुपया कमजोर होने से आयात महंगा और महंगाई बढ़ने का खतरा भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आरबीआई ने हालिया दिनों में डॉलर बेचकर रुपये को समर्थन देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप किया लगातार।
आरबीआई का मानना है कि सही रणनीति और बाजार स्थिरता उपायों से रुपया फिर मजबूती की ओर लौट सकता जल्द।
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