सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद स्कूल प्रिंसिपलों के वीडियो चर्चा में आए।
ऑल्ट न्यूज़ की रिपोर्ट में दावा किया गया कि कई प्रिंसिपलों ने लगभग एक जैसी स्क्रिप्ट पढ़कर वीडियो जारी किए।
रिपोर्ट्स के अनुसार वीडियो में ओएसएम प्रणाली को पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बताते हुए समर्थन किया गया।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि स्कूलों को ‘मटेरियल फॉर प्रिंसिपल्स’ नामक दस्तावेज भेजा गया था।
सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों ने सवाल उठाए कि क्या संस्थागत भरोसा प्रचार सामग्री से बनाया जा सकता है।
यह विवाद शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, मूल्यांकन प्रक्रिया और संस्थागत संचार की विश्वसनीयता पर नई बहस छेड़ रहा है।
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