भारत 15 जून से नया प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स लॉन्च करेगा, जिससे महंगाई मापने का तरीका बदल जाएगा।

नए पीपीआई के साथ संशोधित डब्ल्यूपीआई श्रृंखला भी आएगी, जिसका आधार वर्ष 2022-23 रखा गया है।

पीपीआई में पहली बार सेवाओं को शामिल किया जाएगा, जिससे महंगाई की तस्वीर अधिक व्यापक बनेगी।

बैंकिंग, बीमा, रेलवे, टेलीकॉम और हवाई यात्री सेवाएं शुरुआती सेवा श्रेणियों में शामिल होंगी।

सरकार अगले पांच वर्षों में धीरे-धीरे डब्ल्यूपीआई से पीपीआई प्रणाली की ओर बढ़ने की योजना बना रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार नया सूचकांक महंगाई विश्लेषण, नीति निर्माण और कारोबारी निर्णयों को अधिक सटीक बनाएगा।