NSE के IPO से पहले भारतीय शेयर बाजार की दो बड़ी एक्सचेंज कंपनियां—NSE और BSE—फिर चर्चा में हैं। दोनों बाजार के प्रमुख खिलाड़ी हैं।
राजस्व (Revenue) के मामले में NSE काफी आगे है। FY26 में NSE का राजस्व BSE की तुलना में 3.5 गुना से अधिक रहा।
NSE का प्रस्तावित IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। इससे दोनों एक्सचेंजों के बीच प्रतिस्पर्धा और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है।
मुनाफे (Net Profit) में भी NSE का दबदबा कायम है। FY26 में NSE का शुद्ध लाभ BSE के मुकाबले 4 गुना से ज्यादा रहा।
मार्केट शेयर की बात करें तो कैश इक्विटी में NSE की हिस्सेदारी लगभग 95% और डेरिवेटिव्स में करीब 75% है।
हालांकि BSE ने हाल के वर्षों में तेज ग्रोथ दिखाई है। डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और नई सेवाओं की बदौलत कंपनी की आय और लाभ में मजबूत वृद्धि हुई है।