प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार कार्यकाल के मामले में जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ नया इतिहास रचा।

इस उपलब्धि के बाद भाजपा ने इसे जनता के विश्वास और मजबूत नेतृत्व की जीत बताया।

कांग्रेस ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध तरीके से गढ़ा गया मीलपत्थर कहा।

विपक्ष का तर्क है कि नेहरू और मोदी के दौर की परिस्थितियों की तुलना उचित नहीं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बहस कार्यकाल से ज्यादा नेताओं की विरासत पर केंद्रित रही।

मोदी और नेहरू के रिकॉर्ड को लेकर देशभर में सियासी चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं लगातार तेज हुईं।