आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती कर बड़ा फैसला लिया।
केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कमी करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत किया।
आरबीआई ने महंगाई नियंत्रण और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
रेपो रेट घटने से होम लोन, ऑटो लोन और ईएमआई पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला निवेश और खपत को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
अब बाजार की नजर आरबीआई के आगामी कदमों और महंगाई के भविष्य के संकेतों पर टिकी है।
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