भारतीय संगीत जगत ने अपनी महान आवाज़ों में से एक को भावुक विदाई दी। एस. जानकी का अंतिम संस्कार मैसूरु 

अंतिम दर्शन के लिए हजारों प्रशंसक उमड़े। हर आंख नम थी और हर दिल उस आवाज़ को याद कर रहा था जिसने दशकों तक संगीत जगत को सजाया।

फिल्म और संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके योगदान को भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताया।

एस. जानकी ने कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए। उनकी मधुर आवाज़ ने पीढ़ियों तक श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई।

राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई उनके असाधारण संगीत योगदान का सम्मान थी। उनके गीत आने वाले वर्षों तक लोगों की यादों में जीवित रहेंगे।

एस. जानकी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़, सुर और विरासत भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा अमर रहेगी।