भारत सरकार ने रुपये को मजबूत रखने हेतु चांदी आयात नियम सख्त करते हुए बड़ा आर्थिक फैसला लिया है अब।
नई नीति अनुसार कई श्रेणियों में चांदी आयात अब ‘फ्री’ नहीं बल्कि ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में शामिल किया गया है।
सरकार का उद्देश्य बढ़ते आयात बिल, व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा दबाव को नियंत्रित करना बताया जा रहा लगातार अब।
विशेषज्ञों अनुसार नए नियमों से घरेलू बाजार में चांदी कीमत और ज्वेलरी कारोबार पर असर दिखाई दे सकता है जल्द।
भारत दुनिया के सबसे बड़े चांदी उपभोक्ताओं में शामिल है, जहां आयात मांग लगातार तेजीसे बढ़ती रही हालवर्षोंमें।
वैश्विक आर्थिक तनाव और महंगे तेल बीच अब निवेशकों की नजर चांदी बाजार तथा रुपये स्थिरता पर बनी हुई है।
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