भारतीय शेयर बाजार में 25 जून 2026 को कारोबार शुरू होने से पहले निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और FII गतिविधियों पर टिकी हुई है।
वॉल स्ट्रीट से मिले सकारात्मक संकेतों ने एशियाई बाजारों का माहौल बेहतर किया है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी और बिकवाली बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयर आज बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेत अनुकूल रहने पर सेंसेक्स और निफ्टी में सकारात्मक शुरुआत देखने को मिल सकती है।
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