Xi Jinping की भारत यात्रा से बढ़ी उम्मीद

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

सात साल बाद भारत आएंगे Xi

शी की प्रस्तावित यात्रा करीब सात साल बाद हो रही है। BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-शी मुलाकात पर भी खास नजर रहेगी।

रिश्तों में धीरे-धीरे आ रही नरमी

भारत और चीन के बीच सीधे उड़ानें फिर शुरू हुई हैं और कुछ वीजा प्रक्रियाओं में भी ढील दी गई है। रिश्ते सामान्य करने की कोशिश जारी है।

कारोबार में भरोसा अभी भी कमजोर

कूटनीतिक स्तर पर सुधार के बावजूद निवेश, वीजा और चीन से आने वाले जरूरी उपकरणों को लेकर कंपनियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

निवेश को लेकर दोनों तरफ सावधानी

भारत ने कुछ चीनी निवेश नियमों में राहत दी है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में जांच जारी है। चीन की तरफ से भी तकनीक साझा क

मोदी-Xi मुलाकात से क्या बदलेगा?

अगर दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक रहती है, तो व्यापारिक रुकावटें कम करने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि भरोसा बहाल करना आसान नहीं होगा।