आज हम जानगे की Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: 2026 में कई नए नियम लागू, हुआ है यह नियम 7 दिन में मिलेगी पॉलिसी कर दिया जाएगा और इससे किसानों को बड़ा फ़ायदा होने वाला है आगे जानते है की इस नियम से किसान को क्या फ़ायदा होने वाला है।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: राजस्थान के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने वाली इस योजना के वर्ष 2026 के लिए नई निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
नई व्यवस्था में किसानों के हितों की सुरक्षा के साथ बीमा कंपनियों की जवाबदेही, तकनीक के इस्तेमाल और समय पर दावों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया है। नई निविदा के बाद प्रीमियम दर में बड़ी कमी आई है, जिससे किसानों को करीब 335 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana:पहला नियम यह है 41 जिलों को 8 क्लस्टरों में बांटा गया।
नई निविदा के तहत राजस्थान के सभी 41 जिलों को 8 क्लस्टरों में बांटा गया है। खास बात यह है कि अब एक बीमा कंपनी को अधिकतम दो क्लस्टर ही आवंटित किए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे बीमा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को बेहतर एवं समय पर बीमा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को खेती करने में मदत मिलेगा।
किसानों को प्रीमियम दर 9.63 प्रतिशत से घटकर 1.19 प्रतिशत कर दिया गया है।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: किसानों को नई निविदा का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव औसत सकल प्रीमियम दर में कमी है। सरकार के अनुसार पिछली निविदा में यह दर 9.63 प्रतिशत थी, जो नई निविदा में घटकर 1.19 प्रतिशत रह गई है।

इसके साथ ही किसानों द्वारा देय कुल प्रीमियम राशि भी 979.15 करोड़ रुपए से घटकर करीब 645 करोड़ रुपए रह गई है। इस तरह किसानों के प्रीमियम में करीब 335 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। वहीं राज्य सरकार के अनुसार राज्यांश प्रीमियम अनुदान भी पहले के 1,878.27 करोड़ रुपए से घटकर करीब 51 करोड़ रुपए रह गया है।
यस एंड टेक (YES & TECH) से फसल उपज का आकलन होगा अधिक वैज्ञानिक नया नियम से
वैज्ञानिक पीएम फसल बीमा योजना 2026 में पहली बार यस एंड टेक (YES & TECH) तकनीक को प्रभावी रूप से शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य फसल उपज का आकलन अधिक वैज्ञानिक, सटीक और पारदर्शी बनाना है।
गेहूं और सोयाबीन के मामले में फसल कटाई प्रयोग तथा यस एंड टेक आधारित आंकड़ों को 50:50 के अनुपात में महत्व दिया जाएगा। वहीं भविष्य में चयनित अन्य फसलों के लिए यह अनुपात 70:30 रखा जाएगा। तकनीक आधारित आंकड़ों के इस्तेमाल से फसल उपज का आकलन अधिक सटीक होने और बीमा दावा निर्धारण में मानवीय हस्तक्षेप कम होने की उम्मीद है।
किसानों को बीमा कंपनियों की जवाबदेही होगी तय
नई निविदा में बीमा कंपनियों की वित्तीय और प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत करने के लिए भी कई नए प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत 2 प्रतिशत बिड सिक्योरिटी का प्रावधान किया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपए तय की गई है। इसके अलावा 5 प्रतिशत कार्य निष्पादन प्रतिभूति का प्रावधान भी रखा गया है। इन नियमों का उद्देश्य बीमा कंपनियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना है।
लापरवाही करने पर लगेगा जुर्माना, देरी पर 12 प्रतिशत ब्याज
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: किसानों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नई निविदा में दंडात्मक प्रावधान भी जोड़े गए हैं। पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान के मामलों में 48 घंटे के भीतर सर्वेयर नियुक्त नहीं करने पर प्रति इकाई 20,000 रुपए तक की शास्ति लगाई जाएगी।
निर्धारित समय में सर्वे नहीं करने पर प्रति शिकायत 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा यदि दावों का भुगतान समय पर नहीं किया जाता है तो बीमा कंपनी को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। वहीं बीमा पॉलिसी जारी होने के 7 दिन के भीतर किसान को उसकी प्रति देना अनिवार्य किया गया है। सर्वे रिपोर्ट की एक प्रति भी किसान को उपलब्ध कराई जाएगी।
Pradhan Mantri किसानों फसल बीमा योजना में बड़े बदलाव एक नजर में
| प्रावधान | नई व्यवस्था |
|---|---|
| औसत सकल प्रीमियम दर | 1.19% |
| पिछली औसत प्रीमियम दर | 9.63% |
| किसानों का कुल प्रीमियम | करीब ₹645 करोड़ |
| किसानों की अनुमानित बचत | करीब ₹335 करोड़ |
| जिले | 41 |
| क्लस्टर | 8 |
| एक कंपनी को अधिकतम क्लस्टर | 2 |
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana:नई व्यवस्था में प्रीमियम दर में कमी के साथ तकनीक, पारदर्शिता और बीमा कंपनियों की जवाबदेही पर जोर दिया गया है। यस एंड टेक (YES & TECH) आधारित उपज आकलन, किसान को सर्वे रिपोर्ट की प्रति, 7 दिन में पॉलिसी उपलब्ध कराने और दावा भुगतान में देरी पर 12 प्रतिशत ब्याज जैसे प्रावधान किसानों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के अनुसार सरकार का उद्देश्य Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana:, तकनीक आधारित, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाना है। नई व्यवस्था से प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को समय पर आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने और बीमा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।









