भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ियों Anvay Dravid और वीरेंद्र सहवाग के बेटे इन दिनों अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियों में हैं। वीनू मांकड़ ट्रॉफी 2026 के मुकाबलों में अन्वय द्रविड़ ने 100 गेंदों पर 151 रन, जबकि आर्यवीर सहवाग ने 143 गेंदों पर 173 रन की धमाकेदार पारी खेली।
दोनों युवा बल्लेबाजों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उनकी टीमों का नतीजा अलग-अलग रहा। अन्वय की पारी ने कर्नाटक को जीत दिलाई, जबकि आर्यवीर का बड़ा शतक दिल्ली को जीत नहीं दिला सका।
दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने जूनियर क्रिकेट में नई चर्चा शुरू कर दी है। क्रिकेट प्रशंसक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग ने कितने रन बनाए, उनकी टीमों का क्या परिणाम रहा और दोनों युवा क्रिकेटरों का अब तक का सफर कैसा रहा।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी में क्या हुआ?
वीनू मांकड़ ट्रॉफी भारत की अंडर-19 घरेलू एकदिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में से एक है। इस टूर्नामेंट में युवा खिलाड़ियों को अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है। इसी प्रतियोगिता में 16 अक्टूबर 2026 को अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग की शानदार पारियों ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा।
- अन्वय द्रविड़ — कर्नाटक U-19
- 151 रन
- 100 गेंदें · 20 चौके · 3 छक्के
- गुजरात के खिलाफ पांच विकेट से जीत में अहम योगदान।
- आर्यवीर सहवाग — दिल्ली U-19
- 173 रन
- 143 गेंदें · 19 चौके · 8 छक्के
चंडीगढ़ के खिलाफ शानदार शतक, लेकिन दिल्ली को हार का सामना करना पड़ा।

1. Anvay Dravid ने 100 गेंदों में ठोके 151 रन
Anvay Dravid के बेटे अन्वय द्रविड़ ने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए गुजरात के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 100 गेंदों में 151 रन बनाए। उनकी पारी में 20 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। अन्वय ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 357 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में कर्नाटक को संशोधित लक्ष्य का पीछा करना था। ऐसे बड़े लक्ष्य के सामने टीम को एक ऐसी पारी की जरूरत थी, जो रन गति बनाए रखने के साथ विकेट भी बचाए रखे।
अन्वय ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उन्होंने ध्रुव कृष्णन के साथ तीसरे विकेट के लिए 203 से अधिक रनों की बड़ी साझेदारी की। इस साझेदारी ने मैच का रुख कर्नाटक की तरफ मोड़ दिया। ध्रुव कृष्णन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंदों में लगभग 131 रन बनाए।
अन्वय की इस पारी की सबसे खास बात उनका संतुलन रहा। उन्होंने जरूरत के अनुसार चौके-छक्के लगाए और बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय रन बनाने की गति कम नहीं होने दी।
2. गुजरात के बल्लेबाजों ने भी मचाया धमाल
कर्नाटक के खिलाफ गुजरात की टीम ने भी शानदार बल्लेबाजी की। टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट खोकर 357 रन बनाए। गुजरात की पारी में समीर भंडारी और यश पनवानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समीर भंडारी ने 88 गेंदों में नाबाद 119 रन बनाए, जबकि यश पनवानी ने केवल 57 गेंदों पर नाबाद 106 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 217 रनों की जबरदस्त साझेदारी की।
एक समय गुजरात की टीम 140 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद दोनों बल्लेबाजों ने पारी को संभाला और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि, अन्वय द्रविड़ और ध्रुव कृष्णन की शानदार बल्लेबाजी के सामने गुजरात का यह स्कोर भी जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
3. कर्नाटक ने पांच विकेट से दर्ज की जीत
गुजरात के 357 रन बनाने के बाद मुकाबला कर्नाटक के लिए आसान नहीं था। लेकिन अन्वय द्रविड़ की शतकीय पारी और ध्रुव कृष्णन के साथ उनकी साझेदारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
कर्नाटक ने वी.जे.डी. पद्धति के तहत संशोधित लक्ष्य हासिल करते हुए पांच विकेट से मुकाबला जीत लिया। टीम ने 45.3 ओवर में पांच विकेट पर 352 रन बनाए। इस जीत के साथ कर्नाटक ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली।
इस मुकाबले में अन्वय ने दिखाया कि वह सिर्फ बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि दबाव की स्थिति में टीम को जीत दिलाने की क्षमता भी रखते हैं।
4. आर्यवीर सहवाग ने 143 गेंदों में बनाए 173 रन
दूसरी तरफ, भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने भी अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। दिल्ली अंडर-19 टीम के कप्तान आर्यवीर ने चंडीगढ़ के खिलाफ 143 गेंदों में 173 रन की शानदार पारी खेली।
उनकी पारी में 19 चौके और आठ छक्के शामिल रहे। आर्यवीर ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और दिल्ली को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
आर्यवीर ने पारी की शुरुआत अर्णव बग्गा के साथ की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 98 रनों की साझेदारी हुई। अर्णव बग्गा ने 39 गेंदों पर 47 रन बनाए। इसके बाद आर्यवीर ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी और बड़े स्कोर की ओर बढ़ते रहे।
उनकी 173 रनों की पारी इसलिए भी खास रही, क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और लगातार रन बनाने की क्षमता दिखाई। हालांकि, इतनी बड़ी व्यक्तिगत पारी के बावजूद दिल्ली की टीम मुकाबला नहीं जीत सकी।
5. आर्यवीर के शतक के बावजूद दिल्ली को मिली हार
दिल्ली अंडर-19 टीम ने आर्यवीर सहवाग की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 50 ओवर में छह विकेट पर 289 रन बनाए और चंडीगढ़ के सामने 290 रनों का लक्ष्य रखा। आर्यवीर की पारी के बावजूद दिल्ली के बाकी बल्लेबाज अपेक्षित योगदान नहीं दे सके।
चंडीगढ़ की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह आर्यवीर की मेहनत और शानदार शतक टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहे।
क्रिकेट में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि एक बल्लेबाज बड़ी पारी खेलता है, लेकिन टीम के अन्य खिलाड़ियों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने के कारण जीत हाथ से निकल जाती है। दिल्ली के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
6. राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय कौन हैं?
Anvay Dravid भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे हैं। राहुल द्रविड़ को भारतीय क्रिकेट में उनकी तकनीक, धैर्य और मजबूत बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक भारत का प्रतिनिधित्व किया और बाद में भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी भी संभाली।
अन्वय अपने पिता की तरह क्रिकेट में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। वह कर्नाटक की अंडर-19 टीम के कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उनकी लगातार अच्छी पारियां इस बात का संकेत हैं कि वह घरेलू जूनियर क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
इस टूर्नामेंट में गुजरात के खिलाफ 151 रन बनाने से पहले भी अन्वय ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ 62 गेंदों में 104 रन बनाए और दिल्ली के खिलाफ केवल 41 गेंदों में नाबाद 85 रन की पारी खेली थी।
लगातार अच्छी पारियां खेलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। हालांकि, सीनियर भारतीय टीम तक पहुंचने के लिए उन्हें घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग के अगले स्तरों पर लगातार प्रदर्शन करना होगा।
7. वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग कौन हैं?
आर्यवीर सहवाग भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बड़े बेटे हैं। वीरेंद्र सहवाग अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गति से रन बनाने के अंदाज के लिए प्रसिद्ध रहे हैं।
आर्यवीर भी दिल्ली की अंडर-19 टीम के लिए खेलते हैं और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चंडीगढ़ के खिलाफ उनकी 173 रनों की पारी उनके करियर की उल्लेखनीय पारियों में शामिल हो गई है।
उनकी बल्लेबाजी में बड़े शॉट खेलने की क्षमता दिखाई दी। 19 चौके और आठ छक्के लगाना बताता है कि उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
आर्यवीर ने भारत की युवा टीम के लिए भी अपनी प्रतिभा के संकेत दिए हैं। सितंबर 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवा एकदिवसीय श्रृंखला में अन्वय द्रविड़ ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ियों के लिए अगला महत्वपूर्ण कदम अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना होगा।
8. वीनू मांकड़ ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
वीनू मांकड़ ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट में अंडर-19 खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। यहां खिलाड़ियों को सीमित ओवरों के क्रिकेट में बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण और मैच की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने का अनुभव मिलता है।
इस तरह के टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे आयु वर्ग की टीमों और दूसरे प्रतिस्पर्धी स्तरों पर अवसर मिल सकता है। हालांकि, किसी एक पारी से भारतीय सीनियर टीम में जगह पक्की नहीं होती। इसके लिए निरंतर प्रदर्शन, फिटनेस और तकनीकी विकास जरूरी हैं।
अन्वय और आर्यवीर के लिए भी यह टूर्नामेंट खुद को साबित करने का अवसर है। उनके नाम के साथ दिग्गज क्रिकेटरों की पहचान जुड़ी है, लेकिन लंबे समय तक सफलता हासिल करने के लिए उन्हें अपनी अलग पहचान बनानी होगी।
9. Anvay Dravid और आर्यवीर सहवाग की तुलना
| विवरण | अन्वय द्रविड़ | आर्यवीर सहवाग |
|---|---|---|
| पिता | Anvay Dravid | वीरेंद्र सहवाग |
| टीम | कर्नाटक अंडर-19 | दिल्ली अंडर-19 |
| प्रमुख मुकाबला | गुजरात के खिलाफ | चंडीगढ़ के खिलाफ |
| रन | 151 | 173 |
| गेंदें | 100 | 143 |
| चौके | 20 | 19 |
| छक्के | 3 | 8 |
| टीम का परिणाम | पांच विकेट से जीत | हार |
स्रोत: इंडिया टुडे, इंडियन एक्सप्रेस और वीनू मांकड़ ट्रॉफी की मैच रिपोर्ट।
10. क्या अन्वय द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग भविष्य में टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं?
Anvay Dravid और आर्यवीर सहवाग की शानदार पारियों ने क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने दिखाया है कि वे बड़े स्कोर बनाने और अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
अन्वय की पारी खास रही, क्योंकि उन्होंने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, आर्यवीर ने 173 रन बनाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का परिचय दिया, हालांकि उनकी टीम हार गई।
फिर भी, भविष्य में भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाने का फैसला केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि या एक-दो बड़ी पारियों के आधार पर नहीं होता। खिलाड़ियों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करनी होगी।
दोनों युवा क्रिकेटरों के लिए अभी सबसे जरूरी है कि वे अपनी तकनीक पर काम करें, फिटनेस बनाए रखें और हर मैच से सीखें। यदि वे इसी तरह मेहनत और निरंतरता के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उनके पास भविष्य में बड़े स्तर पर खेलने के अवसर हासिल करने की संभावना रहेगी।
निष्कर्ष
वीनू मांकड़ ट्रॉफी 2026 में Anvay Dravid और आर्यवीर सहवाग की पारियों ने जूनियर क्रिकेट को चर्चा में ला दिया है। राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय ने 100 गेंदों में 151 रन बनाकर कर्नाटक को गुजरात के खिलाफ पांच विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने 143 गेंदों में 173 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन दिल्ली को जीत नहीं दिला सके।
दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से साफ है कि युवा भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कमी नहीं है। अब देखना होगा कि वे आने वाले मुकाबलों में अपने इस प्रदर्शन को किस तरह बरकरार रखते हैं।










