WhatsApp New Parental Control Feature 2026: WhatsApp ने बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैरेंटल कंट्रोल से जुड़े नए फीचर्स पेश किए हैं। अब माता-पिता अपने बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल को पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित तरीके से मैनेज कर सकेंगे। खास बात यह है कि माता-पिता को बच्चे की हर निजी चैट पढ़ने की सुविधा नहीं दी जाएगी, बल्कि WhatsApp कुछ खास गतिविधियों और प्राइवेसी सेटिंग्स पर नियंत्रण देगा।
WhatsApp के अनुसार, नए पैरेंटल कंट्रोल का उद्देश्य माता-पिता को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों को समझने और सुरक्षित रखने में मदद करना है, जबकि उनकी निजी बातचीत की गोपनीयता भी बनी रहेगी। नए कंट्रोल में प्रोफाइल फोटो की प्राइवेसी, ग्रुप में जुड़ने की जानकारी, Channels, Status और Meta AI जैसे फीचर्स शामिल हैं।
WhatsApp का नया Parental Control क्या है?
WhatsApp का नया Parental Control खास तौर पर बच्चों और किशोरों के WhatsApp अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह फीचर माता-पिता को कुछ महत्वपूर्ण सेटिंग्स को नियंत्रित करने और बच्चे की कुछ गतिविधियों की जानकारी पाने की सुविधा देता है।

कंपनी ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि माता-पिता और बच्चे मिलकर सेटिंग्स तय कर सकें। यदि किशोर बाद में किसी सुरक्षा सेटिंग को कम प्रतिबंधित करना चाहता है, तो उसे माता-पिता द्वारा बनाए गए PIN की जरूरत पड़ सकती है।
बच्चों के WhatsApp पर माता-पिता क्या-क्या कंट्रोल कर सकेंगे?
नए फीचर के जरिए माता-पिता कई महत्वपूर्ण चीजों को मैनेज कर सकेंगे। इनमें मुख्य रूप से ये सुविधाएं शामिल हैं:
1. कौन बच्चे की Profile Photo देख सकता है
माता-पिता यह तय करने में मदद कर सकेंगे कि बच्चे की प्रोफाइल फोटो कौन देख पाए। इससे अनजान लोगों के सामने बच्चे की व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखने में मदद मिल सकती है।
2. कौन बच्चे को WhatsApp Group में जोड़ सकता है
WhatsApp के नए कंट्रोल में ग्रुप से जुड़ी प्राइवेसी भी महत्वपूर्ण है। माता-पिता यह तय कर सकते हैं कि बच्चे को कौन ग्रुप में जोड़ सकता है।
इसके अलावा, माता-पिता को बच्चे के किसी ग्रुप में शामिल होने या ग्रुप छोड़ने की गतिविधि के बारे में सूचना मिल सकती है। अगर बच्चा जिस ग्रुप में है उसमें सदस्यों की संख्या काफी बढ़ती है, तब भी अलर्ट मिल सकता है।
3. WhatsApp Channels पर भी नियंत्रण
नए पैरेंटल कंट्रोल में Channels को लेकर भी विकल्प दिए गए हैं। माता-पिता यह निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं कि बच्चा Channels का इस्तेमाल किस तरह करे।
इसका उद्देश्य बच्चों को ऐसे डिजिटल कंटेंट से बचाने में मदद करना है जो उनकी उम्र के लिए उपयुक्त न हो।
4. Status पर भी रहेगा नियंत्रण
WhatsApp Status को लेकर भी पैरेंटल कंट्रोल उपलब्ध होंगे। माता-पिता यह तय करने में मदद कर सकते हैं कि बच्चा किन लोगों के Status देखे और बच्चे के Status को कौन देख सके।
5. Meta AI का इस्तेमाल भी सीमित किया जा सकता है
WhatsApp के अंदर उपलब्ध Meta AI को लेकर भी नया विकल्प दिया गया है। माता-पिता किशोर के लिए सामान्य 13+ सेटिंग या ज्यादा प्रतिबंधित “Limited Content” विकल्प चुन सकते हैं। WhatsApp ने बताया है कि यह विकल्प परिवारों को बच्चे के लिए AI अनुभव को उनकी जरूरत के अनुसार सीमित करने में मदद करेगा।
माता-पिता बच्चे की कौन-सी गतिविधियां देख पाएंगे?
पैरेंटल कंट्रोल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Activity Alerts है। इसके जरिए माता-पिता को कुछ गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है।
उदाहरण के तौर पर:-
- बच्चा किसी नए ग्रुप में शामिल हुआ
- बच्चा किसी ग्रुप से बाहर निकला
- जिस ग्रुप में बच्चा है उसमें सदस्यों की संख्या काफी बढ़ी
- कुछ महत्वपूर्ण संपर्क संबंधी गतिविधियां
- कुछ नए चैट रिक्वेस्ट
- प्रोफाइल या अकाउंट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलाव
WhatsApp के Help Center के अनुसार, पैरेंटल कंट्रोल में गतिविधि से संबंधित नोटिफिकेशन को मैनेज करने के विकल्प भी दिए जाते हैं।
सबसे जरूरी बात: माता-पिता बच्चे की चैट नहीं पढ़ पाएंगे
इस नए फीचर को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पैरेंटल कंट्रोल का मतलब बच्चे की हर निजी चैट पढ़ना नहीं है।
WhatsApp के अनुसार, बच्चे के व्यक्तिगत मैसेज और कॉल end-to-end encryption से सुरक्षित रहेंगे। इसका मतलब है कि पैरेंटल कंट्रोल सक्रिय होने के बावजूद माता-पिता को बच्चे की निजी बातचीत का पूरा कंटेंट देखने की सुविधा नहीं मिलेगी।
यानी माता-पिता को कुछ गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है, लेकिन इससे बच्चे की निजी चैट अपने आप उनके सामने नहीं खुल जाती।
क्या माता-पिता WhatsApp Calls सुन सकते हैं?
नहीं। WhatsApp के अनुसार, व्यक्तिगत कॉल भी end-to-end encrypted रहती हैं। इसलिए पैरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करने से माता-पिता को बच्चे की निजी कॉल सुनने की सुविधा नहीं मिलती।
Parent PIN क्यों जरूरी है?
नए सिस्टम में Parent PIN एक महत्वपूर्ण सुरक्षा लेयर है। माता-पिता द्वारा तय की गई कुछ सेटिंग्स को बच्चा अपनी तरफ से आसानी से कम प्रतिबंधित नहीं कर सकेगा।
यदि किशोर ऐसी सेटिंग बदलना चाहता है जिससे सुरक्षा कम हो जाए, तो माता-पिता की मंजूरी और उनके द्वारा निर्धारित PIN की आवश्यकता हो सकती है।
इससे माता-पिता द्वारा निर्धारित सुरक्षा सेटिंग्स को बिना अनुमति बदलना मुश्किल हो जाता है।
WhatsApp में Parental Control कैसे सेट करें?
फीचर की उपलब्धता क्षेत्र और अकाउंट के अनुसार धीरे-धीरे हो सकती है। WhatsApp के Help Center में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पैरेंटल कंट्रोल से संबंधित विकल्प WhatsApp की Settings > Parental controls के अंदर मिल सकते हैं।
सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार हो सकती है:-
Step 1: WhatsApp खोलें।
Step 2: Settings में जाएं।
Step 3: Parental controls विकल्प देखें।
Step 4: बच्चे या किशोर के अकाउंट को चुनें।
Step 5: उपलब्ध Privacy और Activity Control विकल्पों को सेट करें।
Step 6: जरूरत के अनुसार Parent PIN सेट करें।
Step 7: Activity Notifications और अन्य उपलब्ध विकल्पों को अपनी जरूरत के अनुसार मैनेज करें।
ध्यान रखें कि सभी यूजर्स को एक ही समय पर सभी विकल्प दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है क्योंकि WhatsApp इन सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करा रहा है।
छोटे बच्चों के लिए WhatsApp का Parent-Managed Account
WhatsApp ने इससे पहले 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Parent-Managed Accounts भी पेश किए थे। यह किशोरों के लिए बताए गए नए पैरेंटल कंट्रोल से अलग व्यवस्था है।

Parent-managed account में माता-पिता संपर्कों, ग्रुप और प्राइवेसी जैसी कई चीजों को ज्यादा सीधे तरीके से मैनेज कर सकते हैं। WhatsApp की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, माता-पिता यह तय कर सकते हैं कि बच्चे से कौन संपर्क कर सकता है और कौन से लोग बच्चे को ग्रुप में जोड़ सकते हैं।
छोटे बच्चों के अकाउंट में क्या-क्या कंट्रोल मिलता है?
Parent-managed account में माता-पिता को कई विकल्प मिल सकते हैं, जैसे:-
- बच्चे के संपर्कों को मैनेज करना
- अनजान लोगों से आने वाली चैट रिक्वेस्ट की समीक्षा करना
- यह तय करना कि बच्चा किन ग्रुप में शामिल हो सकता है
- प्रोफाइल फोटो की प्राइवेसी नियंत्रित करना
- ऑनलाइन स्टेटस से जुड़ी सेटिंग्स मैनेज करना
- कुछ संपर्कों को ब्लॉक करना
- बच्चे की गतिविधि से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट प्राप्त करना
WhatsApp के अनुसार, इन अकाउंट में व्यक्तिगत संदेश end-to-end encryption से सुरक्षित रहते हैं।
13 साल की उम्र के बाद क्या होगा?
WhatsApp की Parent-Managed Account व्यवस्था में जब बच्चा 13 साल का होता है, या उसके देश/क्षेत्र में लागू संबंधित उम्र पूरी करता है, तब वह अपने अकाउंट को स्वयं मैनेज करने की प्रक्रिया में जा सकता है।
WhatsApp के अनुसार, उस समय बच्चे को Privacy Policy और Terms of Service की समीक्षा करके स्वीकार करना होगा और इसके बाद उसके अकाउंट पर पैरेंटल कंट्रोल समाप्त हो सकते हैं।
नया फीचर बच्चों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
आज बच्चे और किशोर मोबाइल और मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल पढ़ाई, दोस्तों और परिवार से संपर्क के लिए करते हैं। लेकिन ऑनलाइन दुनिया में अनजान लोगों से संपर्क, संदिग्ध ग्रुप, अनुचित कंटेंट और अन्य डिजिटल जोखिम भी हो सकते हैं।
नए पैरेंटल कंट्रोल माता-पिता को बच्चे की पूरी निजी बातचीत पढ़ने के बजाय कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा सेटिंग्स और गतिविधियों पर नजर रखने का विकल्प देते हैं। WhatsApp का कहना है कि इसका उद्देश्य परिवारों के बीच बातचीत और सुरक्षित डिजिटल आदतों को बढ़ावा देना है।
क्या यह फीचर सभी WhatsApp यूजर्स को मिल गया है?
जरूरी नहीं। WhatsApp के अनुसार, कुछ parent-managed features gradually rolling out हैं और हर क्षेत्र में तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकते। इसलिए यदि आपके WhatsApp में अभी Parental Controls का विकल्प नहीं दिखाई दे रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका फोन खराब है। फीचर की उपलब्धता अकाउंट, डिवाइस और क्षेत्र के आधार पर अलग हो सकती है।
WhatsApp के नए Parental Control की खास बातें
| फीचर | माता-पिता का नियंत्रण |
|---|---|
| Profile Photo Privacy | उपलब्ध |
| Group Activity | जानकारी/अलर्ट |
| Group Joining | नियंत्रण/सूचना |
| Channels | सीमित/मैनेज करने के विकल्प |
| Status | देखने और दिखाने की सेटिंग |
| Meta AI | सामान्य या Limited Content विकल्प |
| Parent PIN | सुरक्षा सेटिंग के लिए |
| Personal Chats | निजी रहती हैं |
| Personal Calls | निजी रहती हैं |
| End-to-End Encryption | जारी रहती है |
निष्कर्ष
WhatsApp का नया Parental Control फीचर बच्चों और किशोरों के डिजिटल इस्तेमाल में माता-पिता को ज्यादा जानकारी और कुछ महत्वपूर्ण सेटिंग्स पर नियंत्रण देने के लिए पेश किया गया है। माता-पिता यह तय करने में मदद कर सकेंगे कि बच्चे की प्रोफाइल फोटो कौन देखे, उसे कौन ग्रुप में जोड़ सके, Channels और Status का इस्तेमाल कैसे हो तथा Meta AI के लिए कौन-सी सेटिंग लागू हो।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि माता-पिता बच्चे की सभी निजी WhatsApp चैट पढ़ सकेंगे। WhatsApp के अनुसार, व्यक्तिगत मैसेज और कॉल end-to-end encryption से सुरक्षित रहेंगे।
इस तरह नया सिस्टम सुरक्षा और निजी बातचीत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। माता-पिता बच्चों के साथ मिलकर सेटिंग्स तय कर सकते हैं और बच्चे की उम्र तथा जरूरत के अनुसार इन्हें आगे बदला भी जा सकता है।
नोट: ऊपर की जानकारी WhatsApp की 30 सितंबर 2026 की आधिकारिक घोषणा और WhatsApp Help Center की मौजूदा जानकारी पर आधारित है।










